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एक एहसास...
समसामयिक विषयों पर क्षणिक विचारों की श्रृंखला.....
सोमवार, 16 मार्च 2026
बुधवार, 25 सितंबर 2019
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बुधवार, 24 अप्रैल 2019
शनिवार, 13 अप्रैल 2019
मंगलवार, 29 नवंबर 2016
अघोषित आय और आयकर में बदलाव : सार्थक कदम..........दैनिक ब्रह्मास्त्र.....२९-११-२०१६
डॉ. दिलीप गर्ग
8 नवंबर की मध्यरात्रि से लागू नोटबंदी के सन्दर्भ में कई बार बीच बीच में बदलाव किये गए ।
इस नोटबंदी से आयकर के विषय में कई प्रकार की भ्रांतियों ने जनमानस को भ्रमित किया हुआ है। इन सब के चलते सरकार ने आज आयकर अधिनियम में संशोधन के लिए लोकसभा में विधेयक लाकर नोट बदली से सम्बंधित आयकर के सन्दर्भ में चल रही कई भ्रांतियों पर विराम लगाया है।
8 नवंबर की मध्यरात्रि से लागू नोटबंदी के सन्दर्भ में कई बार बीच बीच में बदलाव किये गए ।
इस नोटबंदी से आयकर के विषय में कई प्रकार की भ्रांतियों ने जनमानस को भ्रमित किया हुआ है। इन सब के चलते सरकार ने आज आयकर अधिनियम में संशोधन के लिए लोकसभा में विधेयक लाकर नोट बदली से सम्बंधित आयकर के सन्दर्भ में चल रही कई भ्रांतियों पर विराम लगाया है।
आज वित्त मंत्री जेटली द्वारा प्रस्तुत विधेयक के पारित होने के बाद अघोषित आय अथवा नगदी जो कि बदलने के लिए बैंक में 30 दिसंबर तक जमा की जायेगी उस पर कुल जमा 49.90 प्रतिशत कर लेकर प्रक्रिया को तर्कसंगत, न्यायसंगत बनाने की और एक सार्थक कदम उठाया है।
अघोषित आय का 25 प्रतिशत जमाकर्ता को नगद दिया जायेगा किन्तु 25 प्रतिशत राशि प्रधानमंत्री जान कल्याण कोष में 4 वर्ष के लिए जमा रखा जायेगा और इस पर कोई ब्याज नही दिया जायेगा।
इस कोष में जमा धन से विभिन्न प्रकार के जनकल्याण कार्य किया जाना प्रस्तावित है।
30 दिसम्बर के पश्चात् घोषित या पकड़ी गई अघोषित आय पर 85 प्रतिशत तक कर लगाया जा सकेगा।
निश्चित ही ये बदलाव नोटबन्दी के निर्णय को सार्थकता प्रदान करेगा और अर्थव्यवस्था की गति को बड़ाने में सहायक होगा।
अघोषित आय का 25 प्रतिशत जमाकर्ता को नगद दिया जायेगा किन्तु 25 प्रतिशत राशि प्रधानमंत्री जान कल्याण कोष में 4 वर्ष के लिए जमा रखा जायेगा और इस पर कोई ब्याज नही दिया जायेगा।
इस कोष में जमा धन से विभिन्न प्रकार के जनकल्याण कार्य किया जाना प्रस्तावित है।
30 दिसम्बर के पश्चात् घोषित या पकड़ी गई अघोषित आय पर 85 प्रतिशत तक कर लगाया जा सकेगा।
निश्चित ही ये बदलाव नोटबन्दी के निर्णय को सार्थकता प्रदान करेगा और अर्थव्यवस्था की गति को बड़ाने में सहायक होगा।
5 लाख तक आय वाले न हों परेशान, जमा करा सकते हैं पुराने नोट.... दैनिक ब्रह्मास्त्र......२३-११-२०१६
-डॉ.दिलीप गर्ग
नोटबंदी के बाद छोटे बचत कर्ताओं को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही आयकर व पेनल्टी संबंधी कुछ भ्रामक मैसेज भी मीडिया में प्रचलित हैं, जिससे आम नागरिक परेशान है और संशय की स्थिति में है।
आयकर अधिनियम के वर्तमान नियम अनुसार यदि कोई व्यक्ति पांच लाख रूपये तक पुराने नोट बैंक में जमा करे तो उसे कोई आयकर या पेनाल्टी नहीँ देना होगी।
चालू वित्त वर्ष 2016-17 अर्थात कर निर्धारण वर्ष 2017-18 के लिए यदि हम अपने बैंक के बचत खाते में 30 दिसम्बर तक 5 लाख रूपये के पुराने नोट जमा करते हैं तो कोई कर नहीँ देना होगा, शर्त यह है कि यदि आपके पास चालू वर्ष में 1 अप्रेल से 30 दिस. तक या जमा की तारीख तक इस आय के स्रोत (source) के पक्ष में पर्याप्त कारण या साक्ष्य हैं तो कोई भी कर या पेनल्टी नहीँ देनी होगी।
नियमानुसार 250000 रूपये पर कोई कर नहीँ लिया जाता है, यह राशि करमुक्त आय है, यदि जमाकर्ता इसी खाते से 150000 के ऑनलाइन ट्रांसफर द्वारा बैंक में ही 5 वर्ष के लिए फिक्स्ड डिपाजिट करता है तो उसे धारा 80 C की छूट मिल जायेगी, साथ ही इसी खाते से दो मेडिक्लेम पालिसी, एक खुद के लिए और एक माता-पिता के लिए कुल 25-25000 रूपये की
ऑनलाइन ट्रांसफर करे तो उसे धारा 80 D की छूट मिल जायेगी…
ऑनलाइन ट्रांसफर करे तो उसे धारा 80 D की छूट मिल जायेगी…
वर्त्तमान में 5 लाख तक आय वाले करदाताओं को धारा 87 (a) के अंतर्गत कर में से 5000 रूपये की छूट का भी प्रावधान है, इस प्रकार किसी भी जमाकर्ता को जिसके पास 5 लाख तक की आय के स्रोत की साक्ष्य सहित जानकारी हो उसे ऐसे जमा पर कोई आयकर या पेनल्टी नहीँ देनी होगी…
कोई भी बैंक आपका नगद रुपया जमा करने से मना नही कर सकता, बस आपको आयकर विभाग को आय की विवरणी जमा करना होगी। आयकर अधिनियम की धारा 10 (1) के अनुसार कृषि आय पूर्णतः करमुक्त है, यदि जमा कर्ता व्यक्ति के पास चालू वर्ष में कृषि आया होने के पर्याप्त साक्ष्य हैं तो आप उसे भी बैंक में जमा कर सकते हैं।
शनिवार, 31 दिसंबर 2011
शुक्रवार, 31 दिसंबर 2010
शुक्रवार, 1 जनवरी 2010
मंगलवार, 19 मई 2009
जनता जनार्दन जिंदाबाद...
लोकसभा के चुनाव परिणामों ने जनता की मानसिकता को स्पष्ट किया है... जनता ने बड़बोले और सत्ता के भूखे नेताओं को इस बार अच्छा सबक सिखाया, आने वाला समय निश्चित ही दो दलीय व्यवस्था की और इशारा करता है. इस दिशा में शीर्ष नेतृत्त्व को विचार करना चाहिए..
बुधवार, 13 मई 2009
भाजपा और कांग्रेस मिलकर इतिहास लिखे....
अंतिम चरण का मतदान हो चुका है और सभी एजेंसियों द्वारा अपने-अपने एग्जिट पोल प्रसारित किये जा रहे हैं, इन सभी पूर्वानुमानों में एक बात स्पष्ट है की किसी एक पार्टी या एक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नही मिल रहा है, जिसके चलते सत्ता लोलुप नेता खरीद-फ़रोख्त कर लोकतंत्र को कलंकित करेंगे......
ऐसे में देश की दोनों बड़ी पार्टियां मिलकर एक नया इतिहास लिख सकती है... जिससे देश को एक स्थिर सरकार मिलेगी और दोनों पार्टियों का अनुभव देश के विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जायेगा...
ऐसे में देश की दोनों बड़ी पार्टियां मिलकर एक नया इतिहास लिख सकती है... जिससे देश को एक स्थिर सरकार मिलेगी और दोनों पार्टियों का अनुभव देश के विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जायेगा...
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