मंगलवार, 19 मई 2009
जनता जनार्दन जिंदाबाद...
लोकसभा के चुनाव परिणामों ने जनता की मानसिकता को स्पष्ट किया है... जनता ने बड़बोले और सत्ता के भूखे नेताओं को इस बार अच्छा सबक सिखाया, आने वाला समय निश्चित ही दो दलीय व्यवस्था की और इशारा करता है. इस दिशा में शीर्ष नेतृत्त्व को विचार करना चाहिए..
बुधवार, 13 मई 2009
भाजपा और कांग्रेस मिलकर इतिहास लिखे....
अंतिम चरण का मतदान हो चुका है और सभी एजेंसियों द्वारा अपने-अपने एग्जिट पोल प्रसारित किये जा रहे हैं, इन सभी पूर्वानुमानों में एक बात स्पष्ट है की किसी एक पार्टी या एक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नही मिल रहा है, जिसके चलते सत्ता लोलुप नेता खरीद-फ़रोख्त कर लोकतंत्र को कलंकित करेंगे......
ऐसे में देश की दोनों बड़ी पार्टियां मिलकर एक नया इतिहास लिख सकती है... जिससे देश को एक स्थिर सरकार मिलेगी और दोनों पार्टियों का अनुभव देश के विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जायेगा...
ऐसे में देश की दोनों बड़ी पार्टियां मिलकर एक नया इतिहास लिख सकती है... जिससे देश को एक स्थिर सरकार मिलेगी और दोनों पार्टियों का अनुभव देश के विकास को नई ऊँचाइयों पर ले जायेगा...
मंगलवार, 12 मई 2009
भारतीय लोकतंत्र का महायज्ञ - परिणाम और अनिश्चितता.....
भारतीय लोकतंत्र के महायज्ञ में आज अंतिम आहुति दी जा रही है... इसी के साथ उच्च राजनैतिक वर्ग सत्ता के समीकरण बनाने में व्यस्त हो गए हैं... लेकिन परिणाम के प्रति सभी आशंकित हैं... बड़े राजनैतिक दल अपने गठबंधन में, तो महामहिम राष्ट्रपति कानून विशेषज्ञों से परामर्श ले रहे हैं और भावी परिणामों का आंकलन लगाकर संवैधानिक रास्ते तलाशने लगे हैं....
इस बार गठबन्धनों को स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल लग रहा है, ऐसे में यदि देश के दो बड़े और अनुभवी दल कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्र हित व राष्ट्र के विकास को ध्यान में रखकर सरकार का गठन करें तो यह गठबंधन विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है. देश को स्थिर सरकार दे सकता है. छोटे-छोटे राजनैतिक दल जो देश हित तो छोड़ स्वहित को महत्व देते हैं उनका भी सफाया हो सकता है... आमीन.....
इस बार गठबन्धनों को स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल लग रहा है, ऐसे में यदि देश के दो बड़े और अनुभवी दल कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्र हित व राष्ट्र के विकास को ध्यान में रखकर सरकार का गठन करें तो यह गठबंधन विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है. देश को स्थिर सरकार दे सकता है. छोटे-छोटे राजनैतिक दल जो देश हित तो छोड़ स्वहित को महत्व देते हैं उनका भी सफाया हो सकता है... आमीन.....
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