भारतीय लोकतंत्र के महायज्ञ में आज अंतिम आहुति दी जा रही है... इसी के साथ उच्च राजनैतिक वर्ग सत्ता के समीकरण बनाने में व्यस्त हो गए हैं... लेकिन परिणाम के प्रति सभी आशंकित हैं... बड़े राजनैतिक दल अपने गठबंधन में, तो महामहिम राष्ट्रपति कानून विशेषज्ञों से परामर्श ले रहे हैं और भावी परिणामों का आंकलन लगाकर संवैधानिक रास्ते तलाशने लगे हैं....
इस बार गठबन्धनों को स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल लग रहा है, ऐसे में यदि देश के दो बड़े और अनुभवी दल कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्र हित व राष्ट्र के विकास को ध्यान में रखकर सरकार का गठन करें तो यह गठबंधन विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है. देश को स्थिर सरकार दे सकता है. छोटे-छोटे राजनैतिक दल जो देश हित तो छोड़ स्वहित को महत्व देते हैं उनका भी सफाया हो सकता है... आमीन.....
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