मंगलवार, 28 अक्टूबर 2008
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं...
दीपमालाओं का झिलमिल प्रकाश आपके जीवन में ढेरों खुशियाँ लाये....
शनिवार, 25 अक्टूबर 2008
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...?
मुरझाये चेहरे,
और जेबें खाली...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...
छाई वैश्विक मंदी
और डूबी कमाई सारी...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...
फुर्सत में लोग
और घूमे खाली-खाली...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...
दीप जले-दिल जले
और जले दुनिया सारी...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...
रहती थी सदा जगमग
और अब आई रात काली...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...
कुछ का निकला दिवाला,
और कुछ की चली गई खुशहाली...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...
कईयों की टूटी शादी,
और कईयों की रूठी घरवाली...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...
रविवार, 5 अक्टूबर 2008
दुआएँ...
आसमाँ पे जितने सितारें हैं,
उतनी ही हमारी दुआएँ हैं.
हर तारा टूट कर आपकी ख्वाहिशें पूरी करे,
दिल में बस यही तमन्ना है......
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