शनिवार, 25 अक्टूबर 2008

ये कैसी दीवाली...

ये कैसी दीवाली...?

मुरझाये चेहरे,
और जेबें खाली...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...

छाई वैश्विक मंदी
और डूबी कमाई सारी...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...

फुर्सत में लोग
और घूमे खाली-खाली...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...

दीप जले-दिल जले
और जले दुनिया सारी...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...

रहती थी सदा जगमग
और अब आई रात काली...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...

कुछ का निकला दिवाला,
और कुछ की चली गई खुशहाली...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...

कईयों की टूटी शादी,
और कईयों की रूठी घरवाली...
ये कैसी दीवाली...
ये कैसी दीवाली...

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