रविवार, 5 अक्टूबर 2008

दुआएँ...

आसमाँ पे जितने सितारें हैं,
उतनी ही हमारी दुआएँ हैं.
हर तारा टूट कर आपकी ख्वाहिशें पूरी करे,
दिल में बस यही तमन्ना है......

कोई टिप्पणी नहीं: