प्रदेश के संपूर्ण चुनावी नतीजे आने के बाद भाजपा ने स्पष्ट बहुमत के साथ 143 सीटों पर विजय प्राप्त की ।
प्रदेश की राजनीति में 5 वर्ष पूर्व जब उमा भारती के नेतृत्व मेंचुनाव लड़े गये तो राज्य की जनता ने कांग्रेस नेतृत्व को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा को तीन चौथाई मतों से विजयी बनाया और प्रदेश का ताज उमा भारती के सिर रखा किन्तु परिस्थितियाँ बदली और प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर बाबूलाल गौर को कमान सौंपी गई लेकिन बाबूलाल गौर के मुख्यमंत्री रहते हुए भाजपा की लोकप्रियता का ग्राफ गिरने लगा । इस बीच उमा भारती पुनः लौटी और फिर से नेतृत्व परिवर्तन की बात उठने लगी, पार्टी के अंतर्विरोध के चलते अंततः शिवराजसिंह चौहान को मुख्यमंत्री का पद सौंपा गया । बस यहीं से भाजपा के ग्राफ का टर्निंग प्वाइंट माना जा सकता है ।
शिवराज के जनहितेषी व विकासात्मक कार्यों ने जन–जन में भाजपा की छवि उजली कर दी और 'शिवराज' लहर पैदा कर दी । और तो और मतदान के समय मतदाता यहाँ तक कहते सुना गया कि हम तो सिर्फ 'शिवराज' को वोट दे रहें हैं और आज जब परिणाम आ गये तो निश्चित तोर पर कहा जा सकता है कि जनता ने लोकप्रिय नेता को वोट दिया और भाजपा के वर्तमान नेतृत्व में विश्वास जताकर पुनः पूर्ण बहुमत प्रदान किया ।
आज घोषित हुए चुनावी नतीजों में एक बात और सामने आई कि पाँचों प्रदेशों में एक दल को स्पष्ट बहुमत देकर मतदाताओं ने किसी एक पार्टी के प्रति विश्वास व्यक्त किया ताकि स्थिर सरकार मिल सके, साथ ही इनके द्वारा अन्य निर्दलीय या क्षेत्रीय पार्टियों के प्रत्याशियों को ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई ।
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